उप्र में धूमधाम से मनाई गई रामनवमी

मान्यताओं के अनुसार चैत की नवमी को श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। राम नवमी के लिए हर वर्ष देश के कोने-कोने से कई लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। जो भोर से ही सरयू स्नान कर विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना शुरू कर देते हैं।

बुधवार को ठीक दोपहर 12 बजे सांकेतिक रूप से श्रीराम जन्मोत्सव के साथ ही विभिन्न मंदिरों में घंटे बजाए गए तथा अयोध्या शंख ध्वनि से गुंजायमान हो गई। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान राम का जन्म दिन के ठीक बारह बजे ही हुआ था। प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर में भगवान श्रीराम का जन्म प्रतीकात्मक रूप से भव्य तरीके से मनाया गया।

इस दौरान पुत्र जन्म के समय गाया जाने वाला सोहर तथा भजन गाए गए। किन्नरों ने भी विभिन्न मंदिरों में घूम-घूम कर बधाई गीत गाए और उपहार प्राप्त किए। इस अवसर पर विवादित श्रीराम जन्म भूमि में विराजमान रामलला के साथ ही श्रद्धालुओं ने कनक भवन, हनुमानगढी, नागेश्वर नाथ मंदिर तथा अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।

फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.के.एस.राठौर ने बुधवार को संवादाताओं को बताया यहां चैत रामनवमी पर लगने वाले मेले में आए लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू में स्नान करके विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन किया। रामनवमी के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।

राठौर ने बताया कि किसी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए मेले में चार बम निरोधक दस्ते को तैनात किया गया। इसके अलावा मेले में किसी भी अनियिमतता से बचने के लिए सादी वर्दी में खुफिया विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया गया था।

अयोध्या के अलावा कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर शहरों में भी रामनवमी के मौके पर राम मंदिरों को भव्य तरीके से सजाकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस दौरान लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+