कोइराला का अंतिम-संस्कार अरग्यघाट पर

माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने कोइराला के बारे में कहा, "हमने अपने अभिभावक को खो दिया।" पार्टी कार्यालय से कोइराला के पार्थिव शरीर को काठमांडू के सबसे पुराने स्टेडियम दशरथ रंगशाला ले जाया गया, जहां दोपहर दो बजे तक आम जनता के दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को रखा गया। कोइराला का अंतिम संस्कार अरग्यघाट पर किया जाएगा। यह स्थान प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के समीप है।
ब्लॉग जगत का सलाम
गिरिजा प्रसाद कोइराला के निधन से नेपाली राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय खत्म हो गया। उनके निधन पर पूरी दुनिया ने अलग-अलग ढंग से शोक व्यक्त किया। ब्लॉग जगत के कई लेखाकारों ने दिवंगत राजनेता की मृत्यु पर संवेदना जताई है।
ब्लॉग जगत ने कोइराला के लिए लिखा है कि नेपाल में शांति वार्ता के माध्यम से देश के एक दशक पुराने माओवादी जनयुद्ध को समाप्त कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कोइराला ने शनिवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में अंतिम सांस ली।
ब्लॉग 'ट्विटमेमी' ने कहा, "नेपाल में शांति और लोकतंत्र लाने वाले जी.पी.कोइराला नहीं रहे। दुनिया उन्हें शांति के शिल्पकार के तौर पर याद करेगी।" 'ब्लॉग तरंग' ने कहा है कि कोइराला नेपाली राजनीति के स्तंभ थे। एक अन्य ब्लॉग ने टिप्पणी की है, "कोइराला करीब एक पखवाड़े से गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने शनिवार दोपहर 12.10 बजे अंतिम सांस ली। वह एक महान लोकतंत्रवादी थे। नेपाल ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया उन्हें याद करेगी।"
नेपाली ब्लॉग 'केजंग डायरी' ने कोइराला के राजनीतिक जीवन पर विस्तार से टिप्पणी की है, "कोइराला ने सार्वजनिक जिंदगी की शुरुआत बिराटनगर स्थित एक जूट मिल के मजदूर नेता के तौर पर की थी। वह एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते थे, जिसके तीन सदस्य देश के प्रधानमंत्री बने।"












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