हेडली को लेकर भारत में हलचल (राउंडअप)

शिकागो/नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। मौत की सजा और भारत को संभावित प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश में पाकिस्तान मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने आतंकी गतिविधियों के एक दर्जन आरोपों को स्वीकार कर लिया और उसने इस बात को भी स्वीकार किया कि खौफनाक मुंबई हमले की साजिश रचने में उसने भूमिका निभाई थी। लेकिन हेडली की इस कोशिश को भारत ने अपनी पराजय के रूप में नहीं लिया है।

हेडली ने गुरुवार को उन सभी 12 मामलों में अपने दोष को कबूल कर लिया, जो उसके ऊपर लगाए गए थे। इसके साथ ही उसने यह भी स्वीकार कर लिया कि उसने लश्कर-ए-तैयबा द्वारा पाकिस्तान में संचालित प्रशिक्षण शिविरों में 2002 से 2005 बीच पांच बार हिस्सा लिया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि आतंकी हमलों के लक्ष्यों का नक्शा तैयार करने के लिए भारत का दौरा किया था।

अभियोजकों ने कहा कि पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां की संतान डेविड कोलमैन हेडली का असली नाम दाऊद गिलानी था। लश्कर के तीन सदस्यों ने चौकसी के लिए उसे भारत दौरे का निर्देश दिया था। इससे नवंबर 2008 में 10 पाकिस्तानी आतंकियों के मुंबई में घुसपैठ कर नरसंहार को अंजाम देने में मदद मिली थी।

हेडली को शिकागो संघीय अदालत में जिला न्यायाधीश हैरी लीनिनवेबर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

हेडली ने कहा कि उसे अगस्त 2002, अप्रैल 2003, अगस्त 2003 और दिसम्बर 2003 में भी चार बार तीन-तीन महीने का प्रशिक्षण लश्कर की ओर से दिया गया था। इस दौरान उसे हथियार चलाने और हथगोलों का इस्तेमाल करने के अलावा आतंकवाद के सभी अत्याधुनिक तरीके सिखाए गए थे।

वर्ष 2006 में उसने लश्कर के अपने दो साथियों के साथ मुंबई में आव्रजन दफ्तर खोलने की योजना बनाई ताकि वह अपनी गतिविधियों को यहां से आरंभ कर सके। इसके बाद उसने सितंबर, 2006, फरवरी और सितंबर, 2007 एवं अप्रैल व जुलाई, 2008 में पांच बार मुंबई का दौरा किया। हर दौरे पर वह प्रमुख ठिकानों की वीडियो बनाकर और तस्वीरें लेकर अपने साथ ले जाता था।

अप्रैल, 2008 में हेडली ने लश्कर के आतंकवादियों से मुंबई के प्रमुख ठिकानों के बारे में चर्चा की और इसके बाद समुद्र के रास्ते हमले की योजना बनी।

हेडली ने पैगम्बर का विवादास्पद कार्टून बनाने वाले डेनमार्क के एक समाचार पत्र पर भी हमले की योजना बनाने का आरोप स्वीकार किया है। उसे और लश्कर के एक अन्य संदिग्ध आतंकवादी तहव्वुर राणा को बीते साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है।

अदालत में पेश हुआ साल के हेडली (49) कैदियों की नारंगी रंग की पोशाक में था। उसके पैर जंजीरों से जकड़े हुए थे जबकि हाथ खुले हुए थे।

सुनवाई 45 मिनट तक चली। इस दौरान अमेरिकी के मशहूर एटॉर्नी पैट्रिक जे. फित्जगेराल्ड भी अदालत में मौजूद थे, जो आमतौर पर अदालत की सुनवाई में नहीं पहुंचते।

दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने शुक्रवार को उम्मीद जाहिर की है कि सरकार पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से मुंबई हमले के संबंध में पूछताछ करने के लिए उस तक पहुंचने में सफल होगी। चिदंबरम ने कहा कि मुंबई हमले की साजिश के लिए मौत की सजा से बचने हेतु हेडली द्वारा की गई स्वीकारोक्ति भारत के लिए कोई झटका नहीं है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा, "हेडली अमेरिका में होने वाली किसी भी विदेशी न्यायिक सुनवाई में गवाही देने को तैयार हो गया है। हम हेडली तक पहुंचने की कोशिशें जारी रखेंगे, ताकि वह किसी अदालत में अपनी गवाही दे या पूछताछ के लिए खुद को प्रस्तुत करे।"

उन्होंने कहा, "मुंबई हमले में हेडली की भूमिका के संबंध में हमें पहले ही बहुत जानकारी मिल चुकी है। उस तक पहुंचने से हमें और जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिल जाएगा। हेडली गवाही देने को तैयार है। लिहाजा जब वह अदालत में गवाही देगा उस समय हमारे अधिकारियों के लिए उससे उसी अदालत में या वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए या फिर पत्र व्यवहार के जरिए उससे पूछताछ करने का एक अच्छा अवसर होगा।"

चिदम्बरम ने कहा, "मौत की सजा से बचने के लिए हेडली द्वारा सच कबूलना हमारे लिए झटका नहीं है। यद्यपि इसका अर्थ यह होता है कि उसे भारत, डेनमार्क या पाकिस्तान को प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा।"

चिदम्बरम ने कहा, "हमने अभी तक हेडली के प्रत्यर्पण के लिए याचिका नहीं दायर की है। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि हेडली के अदालत में पेश होने के बाद क्या कुछ घटता है।"

चिदंबरम ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ दो देशों में आपराधिक मामले दर्ज होते हैं तो स्थिति जटिल हो जाती है।

चिदम्बरम ने कहा, "उसने यदि हमारे देश में अपराध किया है और अमेरिका में वांछित है, तो प्रत्यर्पण और आसान होना चाहिए। चूंकि अमेरिका में भी वह आरोपी है, इसलिए इसमें थोड़ी दिक्कत है।"

उन्होंने कहा, "मुंबई हमले में छह अमेरिकी नागरिक भी मारे गए थे। इसके चलते संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने उस पर मुकदमा चलाया। हमें पता है कि उसके प्रत्यर्पण में परेशानियां हैं।"

लेकिन अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक के ताजा बयान से चिदम्बरम की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

ब्लैक ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि हेडली को भारत को प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा। लेकिन ब्लैक ने इस बात का भरोसा दिलाया कि नई दिल्ली को हेडली के बारे में सारी सूचनाएं मुहैया कराई जाएंगी।

ब्लैक ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हेडली को भारत को प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा। लेकिन भारत को हेडली के बारे में सारी सूचना मुहैया कराई जाएगी।" यहीं पर ब्लैक इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता पाए कि क्या भारतीय जांचकर्ताओं को हेडली तक पहुंचने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

ब्लैक ने कहा, "इस बारे में मैं नहीं जानता कि भारतीय जांचकर्ताओं को हेडली के पास तक पहुंचने की अनुमति दी जाएगी या नहीं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+