नहीं बचाया जा सका सूरज को
मलवासा गांव में वीरेंद्र राजपूत का छह वर्षीय बेटा सूरज मंगलवार की शाम खेत में लगे पेड़ से बेर तोडने की कोशिश में 400 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था और 60 फुट नीचे जाकर फंस गया था। उसे निकालने का अभियान रात से ही शुरू कर दिया गया था। लगभग 56 घंटे चले अभियान में शामिल हर किसी ने अपनी क्षमता के मुताबिक कोशिश की। रात एक बजे सूरज के निकाले जाने की सूचना मिलते ही पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा मगर सभी तब हताश हो गए, जब उन्हें पता चला कि सूरज अब जिंदा नही हैं।
सूरज के सकुशल बाहर निकल आने के लिए जहां राहत एवं बचाव कार्य चला वहीं लोगों ने सुंदरकांड और कुरान का पाठ भी किया। प्रशासन ने सेना की भी मदद ली, परंतु सूरज को नहीं बचाया जा सका।
सूरज की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया था। इस कैमरे के जरिए सूरज को मंगलवार की रात 10 बजे हाथ चलाते देखा गया था। उसके बाद किसी तरह की हरकत नहीं दिखी थी। चिकित्सकों के अनुसार संभवत: सूरज की वही अंतिम हरकत थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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