ढाका में छिड़ी बहस, बड़ा मित्र भारत या चीन?
ढाका, 19 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री शेख हसीना के चीन दौरे के पूर्व बांग्लादेश में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि बड़ा मित्र कौन है, भारत या चीन? इस प्रश्न के जवाब अलग-अलग हैं।
जहां हसीना बांग्लादेश, भारत, चीन और म्यांमार को मिलाकर क्षेत्रीय जुड़ाव कायम करना चाहती हैं, वहीं कई बांग्लादेशी इससे अलग सोचते हैं।
समाचार पत्र द डेली स्टार ने शुक्रवार को कहा है, "बांग्लादेश के वैश्विक दृष्टिकोण की खास बात आपसी जुड़ाव है। इसका मतलब भारत और चीन के लिए बांग्लादेश के दरवाजे खोलना। इसके अलावा और भी जो चाहे उसके लिए भी दरवाजे खोलना।"
वरिष्ठ पत्रकार जफर सुभान ने कहा है, "बांग्लादेश के कुछ खास गलियारों में मूर्खतापूर्ण सोच पैठी हुई है, जो यह कहती है कि बांग्लादेश को भारत के बदले चीन को महत्व देना चाहिए और क्षेत्रीय संतुलन के लिए चीन की ओर हाथ बढ़ाना चाहिए।"
सुभान ने कहा है, "इस तरह की सोच अपरिपक्व राजनीति की सबसे बुरी स्थिति है जो दोनों पड़ोसियों को केवल नाराज ही करेगी।" लेकिन यहीं पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेताओं ने भारत के तोड़ के रूप में चीन को इस्तेमाल करने की वकालत की है।
बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीबी) के नेता हैदर अकबर रोनो ने भी भारत से होने वाले 'साम्राज्यवादी' हमलों के जवाब के रूप में ढाका-बीजिंग की निकटता की वकालत की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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