40 घंटे बाद भी नहीं निकला 'सूरज', सेना से मांगी मदद
रतलाम के मलवासा गांव में मंगलवार की शाम को सूरज 400 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसे निकालने का अभियान मंगलवार की रात से ही जारी है। गुरुवार की सुबह बोरवेल के समानांतर खोदे जा रहे गड्ढे में रेतीली जमीन के धसक जाने के बाद कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी ने सेना की मदद मांगी है।
ज्ञानी ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि जितनी गहराई पर सूरज फंसा हुआ था, वहां उतनी ही गहराई का एक समानांतर गड्ढा खोद लिया गया था और सुरंग बनाने की कोशिश चल रही थी। तभी गड्ढे का एक हिस्सा ढह गया और हादसा होते-होते बच गया। लिहाजा अभियान को आगे जारी रखने में परेशानी आ रही है। इसलिए हमने सेना से मदद मांगी है।
मालूम हो कि मलवासा गांव के निवासी वीरेंद्र राजपूत का छह वर्षीय बेटा सूरज मंगलवार की शाम को खेत में लगे पेड़ से बेर तोडने की कोशिश में बोरवेल मे जा समाया। 400 फुट गहरे बोरवेल में अब भी वह लगभग 60 फुट की गहराई पर फंसा हुआ है।
सूरज को बचाने के लिए मंगलवार की रात से शुरू हुआ अभियान अभी भी जारी है। सूरज की हरकत पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरा लगाया गया है, मगर मंगलवार की रात को 10 बजे के बाद से किसी तरह की हरकत नहीं दिखी है। इतना ही नहीं बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए नली डाली गई है। पोकलैण्ड और जेसीबी मशीनें खुदाई के काम में लगी हैं। इसके बावजूद जारी अभियान में कई तरह की दिक्कतें आ रही है।
एक तरफ सूरज को बचाने के लिए सभी प्रकार के प्रयास चल रहे हैं वहीं घटना स्थल पर जमा लोग ईश्वर से सूरज की जिंदगी की कामना कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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