मेघालय के विद्रोहियों के साथ जारी रहेगा राजनीतिक संवाद (लीड-1)
शिलांग, 16 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने गारो हिल्स में शांति सुनिश्चित कराने के लिए मेघालय के सशक्त विद्रोही संगठन, अचिक नेशनल वालंटियर काउंसिल (एएनवीसी) के साथ राजनीतिक बातचीत मंगलवार को शुरू कर दी है।
नई दिल्ली के वार्ताकार और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व प्रमुख प्रद्योत चंद्र हलदर ने यहां पत्रकारों को बताया, "आज हमने एएनवीसी के साथ राजनीतिक वार्ता शुरू कर दी है और एक स्वायत्तशासी परिषद के गठन की उनकी मांग पर चर्चा जारी रहेगी।"
एएनवीसी मेघालय के गारो हिल्स इलाके में संचालित गारो जाति का एक विद्रोही संगठन है। यह संगठन गारोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल के गठन के लिए लड़ाई लड़ रहा है। इस संगठन ने 23 जुलाई 2004 को केंद्र और मेघालय सरकार के साथ एक त्रिपक्षीय संघर्ष विराम समझौता किया था।
संगठन ने धमकी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों का स्वीकार्य समाधान दे पाने में विफल हुई तो वे समझौता तोड़ देंगे और फिर से सशस्त्र संघर्ष शुरू कर देंगे।
एएनवीसी के प्रवक्ता अरिस्ट संगमा ने आईएएनएस को बताया, "आज हमने हलदर के समक्ष अपनी राजनीतिक मांग रखी और हमने इस पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी सरकार के ऊपर छोड़ दी है।"
संगमा ने कहा, "हमने पृथक राज्य की मांग को छोड़ कर अपने लोगों के व्यापक हित में असम के बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल की तर्ज पर एक स्वायत्तशासी काउंसिल की मांग की है।" संगमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार गारो हिल्स के विकास और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित कराने के लिए संगठन की मांगों पर विचार करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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