सेना में महिलाओं को मिलेगी स्थायी नियुक्ति

न्यायमूर्ति एस.के.कौल और न्यायमूर्ति एम.पी.गर्ग की खंडपीठ ने आदेश दिया कि उन सभी सेवानिवृत्त हो चुकीं शार्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाए, जिन्होंने इस संबंध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
इसके अलावा कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि याचिका दायर करने वाली और इस दौरान सेवानिवृत्त होने वाली महिला अधिकारियों को बहाल किया जाए। वायुसेना ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले का अध्ययन करेगी। स्थायी कमीशन के लिए लगभग 60 महिला अधिकारियों ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। महिला अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
उल्लेखनीय है कि महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों की सेवाएं अधिकतम 14 वर्ष तक की होती हैं। जबकि पुरुष अधिकारी स्थायी कमीशन के तहत 60 वर्ष की उम्र तक सैन्य बलों में कार्यरत रह सकते हैं। स्थायी कमीशन के तहत महिलाएं फिलहाल सशस्त्र बलों के मेडिकल, नर्सिग और डेंटल सेवाओं में ही काम करने के योग्य हैं। शॉर्ट सर्विस कमीशन में महिलाएं सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं को मदद देती हैं। फिलहाल सशस्त्र बलों में 5,137 महिला अधिकारी अपनी सेवाएं दे रही हैं। इनमें से 4,101 थल सेना में, 784 वायुसेना में और 252 नौसेना में हैं।












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