महिला आरक्षण विधेयक पर जारी बवाल

राज्यसभा में महिला विधेयक के विरोध के बाद प्रधानमंत्री आज विधेयक के विरोधियों से बातचीत करने वाले हैं जिसके बाद इस पर कोई फ़ैसला होगा. संसद में महिला विधेयक को लेकर अब फै़सला प्रधानमंत्री करेंगे.
रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विधेयक का विरोध कर रहे लालू, मुलायम और शरद यादव से मुलाक़ात करेंगे और इसके बाद ही कुछ तय किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राज्य सभा में सोमवार को विधेयक को लेकर हुई ज़बर्दस्त झड़प के बाद मतदान टाल दिया गया था और अब इस पर प्रधानमंत्री फ़ैसला करेंगे.
मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे प्रधानमंत्री की मुलाक़ात शरद, लालू और मुलायम से होने वाली है जिसके बाद ग्यारह बजे सदन की कार्यवाही शुरु होगी.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने एक बार फिर महिला विधेयक के समर्थन में व्हिप जारी किया है.उधर विधेयक का समर्थन कर रही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की आलोचना की है और कहा है कि सत्तारुढ़ पार्टी विधेयक पारित ही नहीं करवाना चाहती है. विधेयक का समर्थन कर रहे वाम दलों ने भी सरकार के रवैए की आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार के पास संख्या बल है लेकिन उनके पास विधेयक पारित करवाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है.
सोमवार को राज्यसभा में महिला विधेयक पेश किया गया था लेकिन इस पर मतदान होने से पहले ही इसके विरोधियों ने काफ़ी बवाल किया. हालात यहां तक पहुंच गए कि कुछ सांसदों ने उपराष्ट्रपति के टेबल से विधेयक संबंधी कागज़ात छीन कर फेंक दिए.
महिला विधेयक को लेकर इस तरह का विरोध पहली बार नहीं हुआ है. पिछले 13 वर्षों में जब कभी संसद में यह विधेयक आया है तो इसके विरोधियों राजद, सपा और जद यू के सांसदों ने काफ़ी उग्र प्रदर्शन किया है और विधेयक की प्रतियां फाड़ी हैं. सोमवार को विरोधी दलों के गर्म तेवर और विधेयक को लेकर क्षीण बहुमत के मद्देनज़र अभी साफ़ नहीं है कि इतने वर्षों के बाद भी महिला विधेयक संसद में पारित हो सकेगा या नहीं.
इन तीनों दलों का कहना है कि सरकार ने इतने महत्वपूर्ण विधेयक के लिए उनसे परामर्श नहीं किया है. इन दलों का कहना है कि वो इस मुद्दे पर आम सहमति चाहते हैं.












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