भारत-अमेरिका रणनीतिक, उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में व्यापार बढ़ाएंगे
वाशिंगटन, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका उच्च प्रौद्योगिकी सहयोग समूह (एचटीसीजी) की अगले हफ्ते होने वाली बैठक के बाद दोनों देश रणनीतिक और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार में महत्वपूर्ण वृद्धि करने की तैयारी में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में यह पहली बैठक है।
एचटीसीजी की 15-16 मार्च को होने वाली इस सातवीं बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव निरुपमा राव और अमेरिकी वाणिज्य उप मंत्री डेनिस एफ.हाइटोवर करेंगे। भारतीय दूतावास ने सोमवार को इसकी घोषणा की।
दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों को पिछले पांच वर्षो की प्रगति को ठोस बनाने और रणनीतिक तथा उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार में महत्वपूर्ण प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।
भारत और अमेरिका के बीच उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े व्यापारिक मुद्दों और संवेदनशील वस्तुओं के व्यापार के लिए आवश्यक भरोसे के निर्माण के लिए वर्ष 2002 में एचटीसीजी की स्थापना की गई।
राव 14-19 मार्च के दौरान वाशिंगटन और न्यूयार्क का दौरा करेंगी। उनकी यात्रा के दौरान अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) 15 मार्च को औद्योगिक संवाद का आयोजन करेगी। यह औद्योगिक संवाद भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्टी (फिक्की) के सहयोग से होगा।
यह वार्ता भारत और अमेरिका के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के लिए दोनों देशों की सरकारों द्वारा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा का अवसर है। इन सुझावों को दोनों देशों की सरकारों को भेजा जाएगा।
उद्योग जगत के सुझाव अगले दिन होने वाली द्विपक्षीय सरकारी बैठकों के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध करा सकते हैं।
वाणिज्य विभाग के साथ बैठक के अलावा अपने वाशिंगटन दौरे में राव अमेरिकी सरकार और कांग्रेस के शीर्ष सदस्यों से मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की अध्यक्षता में भारत और अमेरिका ने एक रणनीतिक संवाद स्थापित करने पर सहमति जताई थी। क्लिंटन की पिछली जुलाई में हुई भारत यात्रा के दौरान इसकी समीक्षा की गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications