भारत में भूजल संसाधनों का क्षरण खतरनाक : विश्व बैंक
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में भारत के भूजल संसाधनों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 प्रतिशत जलस्रोत अगले 20 वर्षो के भीतर नाजुक स्थिति में आ जाएंगे।
भारत प्रति वर्ष 230 क्यूबिक किलोमीटर भूजल का उपयोग करता है। इस तरह भारत दुनिया में सबसे अधिक भूजल का इस्तेमाल करने वाला देश है। यह मात्रा दुनिया के भूजल उपयोग के एक चौथाई से अधिक है।
शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "आज भारत में भूजल लगभग 60 प्रतिशत सिंचित खेती में और 80 प्रतिशत ग्रामीण और शहरी आपूर्ति में मदद करता है।"
विश्व बैंक की ओर से जारी एक बयान में चेतावनी दी गई है, "वास्तव में भारत में पिछले चार-पांच दशकों से भूजल का उपयोग तेजी के साथ बढ़ रहा है। लेकिन भूजल संसाधन खतरनाक दर से घट रहे हैं।"
बयान में रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि लगभग 29 प्रतिशत भूजल स्रोत अर्ध नाजुक, नाजुक या अतिदोहित अवस्था में हैं और उनकी हालत तेजी के साथ बिगड़ रही है। जलवायु परिवर्तन भूजल स्रोतों की स्थिति को और बिगाड़ेगा।
'डीप वेल्स एंड प्रुडेंस : टूवार्ड्स प्रैगमैटिक एक्शन फॉर अड्रेसिंग ग्राउंडवाटर ओवरएक्सप्लायटेशन इन इंडिया' (गहरे कुएं और सावधानी : भारत में भूजल दोहन से निपटने के लिए व्यावहारिक कार्रवाई) शीर्षक वाली यह रिपोर्ट भारत में भूजल प्रबंधन के लिए व्यावहारिक और राजनीतिक रूप से उचित रणनीतियों की पहचान करने के लिए तैयार की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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