गुजरात दंगा: स्वर परीक्षण की याचिका खारिज
दंगों के दौरान नरोदा गाम में 11 लोग मारे गए थे। दंगों में विहिप नेताओं के हाथ होने के आरोप पर एसआईटी उनके आवाज की जांच करना चाहती थी। वर्ष 2007 में किए गए एक स्टिंग आपरेशन के आधार पर एक पत्रिका ने यह दावा किया था।
न्यायमूर्ति एस.एच. वोरा ने गुरुवार को साक्ष्य अधिनियम के भाग 73 में स्वर परीक्षण का प्रावधान न होने पर याचिका को खारिज कर दिया। बजरंगी और पटेल के वकील रोहित वर्मा के मुताबिक अगर जांच एजेंसी को परीक्षण की जरूरत होती है, तो वह उनकी लिखावट और अंगुलियों के निशान ले सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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