बेटी की शादी के लिए पैसा जुटाने काबुल गए थे खान
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के तबला वादक नवाब खान अपनी बड़ी बेटी की शादी के लिए पैसा जुटाने काबुल गए थे लेकिन यह उनकी आखिरी यात्रा साबित हुई। काबुल में शुक्रवार को हुए बम विस्फोट में मारे जाने वाले भारतीयों में खान भी शामिल थे।
खान के मित्र ओ. पी. शुक्ला ने बताया "उनकी यह पहली अफगानिस्तान यात्रा थी। वह ठीक-ठाक पैसे जुटाने के उद्देश्य से वहां गए थे ताकि अपनी बड़ी बेटी की शादी धूमधाम से कर सकें।"
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहने वाले खान को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने काबुल में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए भेजा था।
अपने आठ सदस्यों वाले परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाने वाले वह इकलौते सदस्य थे। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें चार लड़कियां और दो लड़के हैं। उनका सबसे छोटा बेटा अभी पांचवीं में पढ़ रहा है, जबकि बड़ा बेटा आशू एक कॉल सेंटर में अस्थायी नौकरी कर रहा है।
शुक्ला कहते हैं कि अब इस परिवार का क्या होगा कुछ कहा नहीं जा सकता जबकि खान का बड़ा बेटा अपने पिता के शव के इंतजार में पालम के वायु सेना स्टेशन के प्रतीक्षा कक्ष में चुपचाप बैठा हुआ था। काबुल में मारे गए भारतीयों के शवों को लाने के लिए भारत सरकार ने विशेष विमान भेजा था।
शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को उनका वापसी का कार्यक्रम तय था। जिस समय यह अतिथि गृह में आतंकवादी हमला हुआ वह वापसी की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान छत गिरने से वह मारे गए।
खान के एक और मित्र संतोष मेहता ने कहा कि शव घर लाकर देर शाम उन्हें दफनाया जाएगा।
आईसीसीआर के अध्यक्ष कर्ण सिंह ने खान की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वे लोग खान के परिवार के संपर्क में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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