'बुद्ध की खुशबू' पर्यटकों को लाएगी नेपाल

काठमांडू, 26 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने अगले साल करीब 10 लाख पर्यटकों को देश में आने के लिए आकर्षित करने को शुक्रवार से एक अभियान शुरू किया है। उनके इस अभियान को बुद्ध के जीवन और शिक्षा पर केंद्रित एक महाकाव्य के प्रकाशन से मदद मिलेगी। एक प्रतिष्ठित पश्चिमी प्रकाशक ने इसका पुन: प्रकाशन किया है।

अमेरिका की ऑक्सफोर्ड युनीवर्सिटी प्रेस ने 'सुगाता सौरभ' का अंग्रेजी संस्करण प्रस्तुत किया है। सुगाता सौरभ का साहित्यिक अर्थ बुद्ध की खुशबू है। यह मूल महाकाव्य नेवारी भाषा में लिखा गया है। काठमांडू घाटी का स्वदेशी नेवार समुदाय यह भाषा बोलता है। इस समुदाय का दावा है कि वे शाक्य वंश के वंशज हैं। करीब 2,500 वर्ष पहले बुद्ध शाक्य वंश में ही पैदा हुए थे।

यह नेवार कवि चित्ताधर हृदय की कृति है। हृदय की नेपाल के 20वीं सदी के महान साहित्यकारों में गिनती की जाती है।

ऐसा कहा जाता है कि जब हृदय ने नेपाल के राणा शासकों की तानाशाही के खिलाफ एक कविता लिखी थी तो उन्हें जेल में डाल दिया गया था। हृदय ने जेल में ही इस महाकाव्य की रचना की थी।

अमेरिका के होली क्रॉस कॉलेज के प्रोफेसर टोड टी. लीविस और ललितपुर के नेपाल एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज की प्रोफसर सुबरना मन तुलाधर ने इसका अंग्रेजी अनुवाद किया है।

इस महाकाव्य का अंग्रेजी अनुवाद बुद्ध को जानने की इच्छा रखने वाले पश्चिमी जगत को नेपाल की ओर आकर्षित करेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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