आर्थिक समीक्षा: 6 से 14 वर्ष के हर बच्चे को मिलेगी शिक्षा
इस अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक अपने पड़ोस के विद्यालय में नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार होगा। समुचित सरकार और स्थानीय प्राधिकरण तीन वर्ष की अवधि के भीतर पड़ोस के ऐसे क्षेत्र में एक स्कूल की स्थापना करेंगे जहां यह निर्मित नहीं है।
इस अधिनियम के उपबंधों का अनुपालन करते हुए निधियों की व्यवस्था करना केंद्र और राज्य सरकारों की समवर्ती जिम्मेदारी होगी। वहीं प्रत्येक बच्चे के माता-पिता का यह कर्तव्य होगा कि प्रारंभिक शिक्षा के लिए अपने बच्चे या आश्रित का प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित करें।
कोई विद्यालय अथवा व्यक्ति किसी बच्चे का प्रवेश करते समय कोई प्रतिव्यक्ति शुल्क संग्रहित नहीं करेगा और बच्चे अथवा बच्चे के माता-पिता या अभिभावकों के लिए किसी परीक्षण प्रक्रिया की शर्त नही होगी। वहीं किसी भी अध्यापक को ट्यूशन अथवा निजी अध्यापन के कार्य नहीं करने को कहा गया है।
केंद्र सरकार इस अधिनियम के उपबंधों का प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित करने में केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए प्रारंभिक शिक्षा और बाल विकास के क्षेत्र में जानकारी और प्रायोगिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से नियुक्ति करने के लिए अधिसूचना जारी करके राष्ट्रीय परामर्शी परिषद का गठन करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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