दोस्ताना लड़ाई व फूलों की बौछार, यही है लट्ठमार होली!
बरसाना (उत्तर प्रदेश), 24 फरवरी (आईएएनएस)। भगवान कृष्ण की साथी राधा के जन्म स्थान बरसाना की लट्ठमार होली बहुत प्रसिद्ध है। इस अनूठी होली के अद्भुत दृश्यों का आनंद लेने के लिए आप्रवासी भारतीयों सहित हजारों श्रद्धालु यहां जमा हुए। यहां की होली में आकाश से फूलों की बौछार नजारा भी देखने को मिला।
मंगलवार को 40 मिनट तक चली इस होली के लिए महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान पहने, लंबे घूंघट काढ़े हुए और अपने पुरुष प्रतिभागियों को पीटने के लिए तेल लगी लाठियां लिए तैयार थीं।
आप्रवासी भारतीयों सहित हजारों श्रद्धालु श्रीजी मंदिर परिसर में एकत्रित हुए थे। घरों की छतें लोगों से खचाखच भरी हुई थीं। ये लोग यहां से 10 किलोमीटर दूर स्थित श्रीकृष्ण के गांव नंदगांव से आए हजारों 'हुरियारों' की तेज संगीत और होली के गीतों के बीच बरसाने की 'हुरियारिनों' के साथ एक दोस्ताना लड़ाई का नजारा देखने के लिए मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले इसे उत्सवी रंग देने के लिए एक हेलीकॉप्टर से केसर, गुलाब की पंखुड़ियों और गुलाल की बौछार की गई।
यद्यपि कुछ पुराने लोगों को इस उत्सव का व्यवसायीकरण होता दिखा।
पंडित रामबाबू श्रोत्रिय ने आईएएनएस से कहा, "हर साल यह उत्सव इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए विशेष आकर्षण होता है और ज्यादा लोग इस पर्व को देखते हैं लेकिन समारोह की पुरानी भावना कहीं खो गई है और इस पर व्यवसायीकरण हावी हो गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications