बिहार में जेपी आंदोलनकारियों को जल्द मिलेगी पेंशन
राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को बताया कि इस मामले को देखने वाली उच्च स्तरीय समिति ने 1,686 पेंशन पाने योग्य आंदोलनकारियों की सूची को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत सूची में शामिल आंदोलनकारियों का खाता स्टेट बैंक में खुलवाने का निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है।
समिति के अधिकारी के अनुसार पेंशन के लिए वर्ष 1974 के जेपी आंदोलन में हिस्सा लेने वाले 51,581 आंदोलनकारियों के आवेदन सरकार को प्राप्त हुए थे। इनमें से 'मेंटेनेन्श ऑफ इंटरनल सिक्यूरिटी एक्ट' (मीसा) के अंतर्गत जेल में रहे लोगों के 9,475 आवेदनों को सत्यापन के लिए कारा विभाग के पास भेजा गया था। सत्यापन के बाद 1,686 आंदोलनकारियों को पेंशन देने का निर्णय लिया गया।
उप मुख्यमंत्री के अनुसार आंदोलन के दौरान एक से छह माह तक जेल में रहने वालों को 5,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। एक महीने से कम अवधि तक जेल में रहने वाले आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न् दिए जाने का प्रावधान है।
इसके अलावा पुलिस फायरिंग में मारे गए आंदोलनकारियों के आश्रितों को 5,000 रुपये तथा घायल आंदोलनकारियों को 2,500 रुपये मासिक पेंशन देने का निर्णय लिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार समय-समय पर शेष आवेदनों की समीक्षा करेगी।
उन्होंने यह भी माना कि कई काराओं में आवेदकों के दावों के सत्यापन में कठिनाई हो रही है परंतु अब भी दावों को सत्यापित करने की कोशिश की जा रही है। ज्ञात हो कि जेपी सम्मान योजना के तहत पेंशन देने के लिए मंत्रिमंडल ने 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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