पुणे बेकरी ब्लास्ट में मृतकों की संख्या 9 हुई

पिछले दिनों अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने ओशो आश्रम के आसपास के इलाके का सर्वे किया था। यह इलाका जर्मन बेकरी से महज 200 गज की दूरी पर है। माना जा रहा है कि बेकरी विस्फोट एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है जिसमें विदेशी नागरिक निशाने पर हो सकते हैं।
7 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ
प्राथमिक जांच के मुताबिक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के जरिये इस बम विस्फोट को अंजाम दिया गया जिसमें 5-7 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट शाम 7.30 बजे हुआ और यह इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर तक सुनी गई। विस्फोट होते ही पूरा बेकरी धू-धू कर जलने लगा।
धमाके के घायलों को शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें ससून, रूबी और जहांगीर अस्पताल शामिल है। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट के निशाने पर विदेशी नागरिक हो सकते हैं। 22 साल पुरानी इस बेकरी में विदेशी नागरिकों का आना-जाना लगा रहता था। यहां से कुछ ही दूरी पर ओशो आश्रम स्थित है।
विस्फोट के करीब आधे घंटे के अंदर घटनास्थल पर कम से कम पांच गाड़ियां आग बुझाने पहुंच गईं। देर रात तक आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। पुणे आतंकवाद निरोधक दस्ता और बम निरोधक दस्ता घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। साथ ही मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ता भी रात्रि में मौके पर पहुंच गया।












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