संभवत: ग्राहक बनकर आया था आतंकवादी : चिदंबरम (लीड-3)
रविवार तड़के घटनास्थल का दौरा करने के बाद चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा कि शनिवार शाम को जर्मन बेकरी में बम रखने वाले आतंकवादी ने संभवत: खुद को ग्राहक के रूप में पेश किया होगा।
उन्होंने कहा, "जाहिर है कि बम को एक बैग में रखकर यहां छोड़ दिया गया। बंदूकधारी आतंकवादी हमलावरों के विपरीत वह व्यक्ति यहां ग्राहक के रूप में आया होगा।"
बम वहां रखने के बाद आतंकवादी भीड़ में गुम हो गया। किसी ने भी बैग की परवाह नहीं की क्योंकि हर किसी ने सोचा कि यह किसी अन्य व्यक्ति का होगा। जब बेकरी के एक वेटर ने बैग को खोलने का प्रयास किया तो उसमें विस्फोट हो गया।
चिदंबरम ने कहा कि एक यहूदी पूजा स्थल और ओशो आश्रम सहित इस संवेदनशील इलाके में सुरक्षा के इंतजाम के बावजूद जर्मन बेकरी को निशाना बना लिया गया।
उन्होंने कहा कि जब तक कड़े सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए जाएंगे तब तक ऐसी चीजों का पता लगा पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि जर्मन बेकरी ने ऐसे उपाय किए थे या नहीं इसकी जांच होगी।
चिदंबरम ने कहा कि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है और स्थानीय पुलिस इसके बारे में हमेशा संवेदनशील रहती है।
उन्होंने कहा कि वहां पुलिस की उपस्थिति रहती है, नियमित गश्त होती है और उस इलाके से पुलिस को हटाया नहीं गया। परंतु यह एक सामान्य आतंकवादी हमला नहीं वरन एक घातक हमला है।
मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत पर यह सबसे बड़ा आतंकवादी हमला है।
चिदंबरम ने कहा, "विस्फोट मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। जांचकर्ता अपना काम कर रहे हैं। किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जब तक जांच जारी है मैं कोई अटकल नहीं लगा सकता।"
उन्होंने कहा कि हमले के मकसद और किसी विशेष समुदाय या देश के नागरिकों को निशाना बनाने के बारे में अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी।
महाराष्ट्र का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) विस्फोट और उसकी साजिश की जांच करेगा।
चिदंबरम ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भी अध्ययन और आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए बुलाया गया है।
इससे पहले पुणे पहुंचने के तुरंत बाद चिदंबरम ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, गृह मंत्री आर.आर.पाटील, गृह राज्य मंत्री रमेश बागवे, पुणे के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया।
इसके बाद वह विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों का हालचाल जानने के लिए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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