एक भारतीय है अब ईस्ट इंडिया कंपनी का मालिक
लंदन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। धरती के अधिकांश हिस्से पर राज करने वाली दुनिया की पहली बहुराष्ट्रीय कंपनी 'ईस्ट इंडिया कंपनी' के फिर से शुरू होने में केवल एक महीने बचे हैं और उसके भारतीय मूल के मालिक ने कहा है कि वह 'कर्ज मुक्ति' की भावना से अभिभूत है।
मुंबई में पैदा हुए भारतीय उद्यमी संजय मेहता ने वर्ष 2005 में करीब 30 या 40 लोगों से ईस्ट इंडिया कंपनी के मालिकाना अधिकार खरीद लिए थे। अपने सुनहरे दिनों में दुनिया के आधे व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी का कब्जा था।
मेहता को इस बात का पूरा पता है कि उन्होंने एक ऐतिहासिक कंपनी को खरीदा है लेकिन कंपनी के भविष्य को नई दिशा देने के लिए वह इसके इतिहास पर अधिक जोर नहीं देते।
करीब 1.5 करोड़ पाउंड के निवेश से मेहता लंदन के समीप मेफेयर में मार्च में ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला नया स्टोर खोलने वाले हैं।
कंपनी खरीदने से पहले मेहता ने दुनिया भर की यात्रा की। ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापार चौकियों और संग्रहालयों को देखा, रिकार्डो को पढ़ा और उस समय के व्यापार को समझा।
मेहता ने कहा, "यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैंने इस ब्रांड का निर्माण नहीं किया लेकिन मैं इसे शुरू करने वाले व्यापारियों की तरह इसे अग्रणी बनाना चाहता हूं। इसे फिर से शुरू करने में मुझे चार साल लगे।"
फिर से शुरू की गई कंपनी का मुख्यालय मेफेयर की कॉनडिट स्ट्रीट पर है। कंपनी लंदन में मार्च में महंगे सामानों का एक स्टोर खोलने वाली है उसके कुछ समय बाद भारत में भी ऐसा ही स्टोर खोलने की योजना है।
भारत में कंपनी के उत्पादों में खाद्य, फर्नीचर, अचल संपत्ति और सेवा क्षेत्र से जुड़ी चीजें शामिल होंगी। भारतीय सामानों को शेष दुनिया के बाजारों में ले जाने की भी मेहता की एक महत्वाकांक्षी योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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