आरआईएमएस अस्पताल में साल से अधिक समय से पड़े हैं शव
रांची, 14 फरवरी (आईएएनएस)। झारखण्ड की राजधानी रांची में स्थित राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) के शवगृह में पिछले छह महीनों से क्षमता से अधिक शव पड़े हुए हैं और उनको हटाने वाला कोई नहीं है। आलम यह है कि शवगृह में सड़ रहे शवों की बदबू चारों तरफ फैल रही है।
झारखण्ड के मुख्य अस्पतालों में से एक आरआईएमएस में इस समय 150 से अधिक शव पड़े हुए है। इन शवों को अस्पताल के कोल्ड रूम में रखा गया है जिसमें से कुछ छह महीनों से यहां पड़े हुए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि आरआईएमएस अस्पताल के शवगृह में केवल 60 शवों को रखने की क्षमता है लेकिन यहां पर 150 से अधिक शवों को रखा गया है।
आरआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक एम.के. राय ने आईएएनएस को बताया, "अस्पताल में लावारिस शवों को 72 घंटों तक रखा जाता है और उसके बाद पुलिस से उन शवों को हटाने के लिए कह दिया जाता है। इन शवों को हटाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है।"
आरआईएमएस अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक झारखण्ड में शरीर रचना विज्ञान कानून के तहत इन शवों के प्रयोग के लिए अभी तक कानून नहीं बनाए जाने की वजह से चिकित्सा शिक्षा में इनका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
एक चिकित्सक ने बताया कि कम से कम 10 शव एक साल से अधिक समय से यहां पड़े हुए हैं।
इस बारे में पुलिस विभाग ने स्वीकार किया कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें मुस्किल से समय मिल पाता है।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "सरकार को इन शवों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी गैर सरकारी संगठनों को देनी चाहिए। राज्य में बढ़ रहे अपराध और नक्सली समस्या को देखते हुए पुलिस ही सबकुछ नहीं कर सकती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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