माउंट आबू दूसरे दिन भी बंद
स्थानीय नागरिकों के संगठन जन सेवा समिति के बैनर तले आयोजित तीन दिन के बंद से शहर का पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है। होटल और बाजार के बंद रहने देशी विदेशी पर्यटक लौट रहे हैं। माउंट आबू में सोमवार से तीन दिन का बंद है।
माउंट आबू को ईको सेंसेटिव जोन घोषित किए जाने के विरोध में माउंट आबू नगर पालिका और ओरिया ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र सोमवार को पहले दिन पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान निजी शिक्षण संस्थाओं समेत सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। यात्री एवं भारवाहक वाहनों के चक्के भी थमे रहे। शहर में आज दूसरे दिन भी बंद का असर प्रभावी रहा।
इस दौरान शहर सहित नगर पालिका क्षेत्र में आने वाले सभी बाहरी क्षेत्र पूरी तरह बंद रहे। जिला प्रशासन ने बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी है। बंद को व्यापक जन समर्थन मिला है और किसी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की जा रही है। वकीलों के समर्थन देने से स्थानीय अदालत में भी कामकाज ठप रहा। व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहने से पूरे इलाके में जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
गौरतलब है कि माउंट आबू में पर्यावरण और प्राकतिक सौंदर्य को बचाने के मकसद से राज्य सरकार ने माउंट आबू को ईको सेंसेटिव जोन घोषित करते हुए स्थानीय नगर पालिका से इस बाबत कानून बनाकर शहर में नये निर्माणों के लिए के लिए कानून बनाने को कहा था। नगर पालिका ने शीघ्र ही इस बाबत सख्त कानूनी प्रावधान करने की घोषणा की है।
जनसेवा समिति का कहना है कि पर्यावरण के नाम पर आबू की जनता से उसके मौलिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे लोगों का विकास और भविष्य में रोजगार व आवास की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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