पाकिस्तान स्वयं आतंकवाद का शिकार : गिलानी (लीड-1)
गिलानी ने समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "पाकिस्तान में मुंबई जैसे 101 हमले हुए हैं। इसलिए वार्ता ही इसका एकमात्र जवाब है। हम दोनों जिम्मेदार राष्ट्र हैं। हम आगे बढ़ सकते हैं लेकिन युद्ध नहीं झेल सकते। वार्ता ही एकमात्र विकल्प बचा है।"
उल्लेखनीय है कि मुंबई हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से वार्ता पर विराम लगा दिया था। पाकिस्तान ने हालांकि इस हमले के संदर्भ में सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन उसने जमात-उद-दावा के अध्यक्ष व मुंबई हमले के प्रमुख षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
इस बारे में गिलानी ने कहा, "उसके खिलाफ अदालत में सुनवाई हो रही है। अदालत ही इस संबंध में कोई फैसला करेगी। हमें उसके खिलाफ और सबूत चाहिए। इस बारे में हमने जानकारी भी मांगी थी ताकि उसके खिलाफ मामला और मजबूत हो। हमने मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला लाहौर उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।"
अमेरिकी रक्षा मंत्री के उस बयान पर भी गिलानी ने प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि मुंबई जैसा हमला यदि फिर हुआ तो भारत के सब्र का बांध टूट जाएगा। गिलानी ने कहा, "यदि हमें कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है तो हम उसे भारत के साथ बांटने को तैयार हैं। यदि भारत के पास कोई जानकारी है तो वह हमें दे। हम उन्हें सहयोग देने को तैयार हैं।"
मिस्र के शर्म अल-शेख में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई अपनी मुलाकात और दोनों देशों की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान का जिक्र करते हुए गिलानी ने कहा, "वह बैठक बहुत अच्छी थी। हमने सभी मुद्दों पर बातचीत की थी। हमारा मानना है कि दोनों देश आतंकवाद से पीड़ित हैं।"
गिलानी ने कहा, "किसी एक घटना को लेकर 1.25 अरब लोगों को बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे आतंकवादियों को ही फायदा होगा। इसलिए हमें आगे की ओर देखना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हम निश्चित तौर पर आतंकवाद की निंदा करते हैं। हम मानते हैं कि आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने के लिए न तो पाकिस्तानी और न ही भारतीय जमीन का एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल होना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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