बांग्लादेश के संस्थापक के हत्यारों को फांसी (लीड-2)
ढाका के केंद्रीय कारागार में पूर्व सैन्य अधिकारी सैयद फारुक रहमान, सुल्तान शहरियार राशिद खान, मोहिउद्दीन अहमद, ए.के.एम.मोहिउद्दीन अहमद और बजलूस हूदा को फांसी दी गई।
'बंग बंधु' के नाम से मशहूर मुजीब के हत्यारे रहमान और खान को अगस्त 1996 में गिरफ्तार किया गया था। इन्होंने मौत की सजा खत्म करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे बुधवार को खारिज कर दिया गया था।
समाचार पत्र 'डेली स्टार' के अनुसार बुधवार को बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय ने मुजीब की हत्या मामले में इन पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा सुनाए जाने की पुष्टि की थी।
फांसी देने से पूर्व पांचों दोषियों को बुधवार रात करीब 11 बजे जेल में स्नान करवाया गया था। इसके आधे घंटे बाद में चिकित्सकों ने पांचों के स्वास्थ्य की जांच की। इसके बाद इन पूर्व दोषी सैन्य अधिकारियों को मध्यरात्रि 12.05, 12.35 और 1.05 बजे फांसी दी गई।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 12 दोषी पूर्व सैन्य अधिकारियों में इन पांचों की पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद फांसी दी गई। फांसी के बाद पांचों शवों को पांच एंबुलेंसों में रखकर कड़ी सुरक्षा के बीच संबंधित गांव भेजा दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त 1975 को मुजीब की उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों के साथ हत्या कर दी गई थी। मुजीब की बेटी और वर्तमान प्रधानमंत्री शेख हसीना हमले में इस कारण बच गई थीं क्योंकि वह उस समय विदेश में थी।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रधानमंत्री हसीना से अपील की थी कि बंग बंधु के हत्यारों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाए लेकिन प्रधानमंत्री ने अपील को नजरअंदाज कर दिया।
गत वर्ष 19 नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने 12 पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई थी, जिसमें पांच को बुधवार रात फांसी दे दी गई। अन्य सात में एक की मौत हो गई है जबकि छह फरार है। इन छह लोगों की गिरफ्तारी के लिए बांग्लादेश सरकार ने इंटरपोल से मदद ले रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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