'फोंसेका को श्रीलंका नहीं छोड़ना चाहिए'
नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई और उनके राजनीतिक सलाहकार बासिल राजपक्षे ने कहा है कि पूर्व सेना प्रमुख सरथ फोंसेका को देश नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि उन्हें अभी कई सवालों का जवाब देना है।
आईएएनएस को टेलीफोन पर दिए साक्षात्कार में बासिल राजपक्षे ने कहा, "फोंसेका को अभी देश में रहना चाहिए क्योंकि उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना है। उनके खिलाफ ढेर सारे आरोप हैं।"
राष्ट्रपति चुनाव के बाद बुधवार को हुई मतगणना में महिंदा राजपक्षे ने फोंसेका को पराजित कर दिया था। बुधवार को राजपक्षे को विजयी घोषित किया गया। उन्हें 57 प्रतिशत मत मिले थे, जबकि फोंसेका को 40 फीसदी मत मिले थे।
फोंसेका ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को कहा था कि उनकी जिंदगी खतरे में है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
बासिल राजपक्षे ने यह नहीं बताया कि फोंसेका पर किस प्रकार के आरोप हैं। फोंसेका द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में उन्होंने कहा, "नहीं.मेरा ऐसा सोचना नहीं है।"
बासिल राजपक्षे ने कहा कि सरकार इस मसले पर भी जांच करेगी कि तमिल इलाकों में फोंसेका को अधिक मत क्यों मिले। तमिल बहुल जाफना में फोंसेका को 63 फीसदी मत मिले थे, जबकि वहां राष्ट्रपति राजपक्षे को 24 फीसदी मत मिले।
बासिल राजपक्षे ने कहा, "तमिल इलाकों में हमने 2005 की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम वहां के लोगों के दिलों का जीतने का प्रयास करेंगे। मैं इस बात को लेकर आशावादी हूं कि सभी कुछ अच्छा होगा।"
बासिल राजपक्षे ने अपने भाई की जीत का श्रेय ग्रामीण मतदाताओं को दिया। उन्होंने कहा, "हमने गत चार वर्षो में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किया है। यही एक वजह है कि उन्होंने हमारे पक्ष में मतदान किया।"
बासिल राजपक्षे ने कहा, "राष्ट्रपति के पक्ष में मतदान कर लोगों ने सिद्ध कर दिया कि वे लोकतंत्र चाहते हैं, वे अराजकता या तानाशाही नहीं चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने फोंसेका को खारिज कर दिया।"
बासिल राजपक्षे ने फोंसेका पर नकारात्मक चुनाव अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फोंसेका ने शुरुआत से अंत तक नकारात्मक तरीके से प्रचार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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