वोटर आईडी चाहिए तो बुर्का हटाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुस्लिम महिलाओं का धर्म उन्हें बुर्का हटाने की इजाजत नहीं देता। उक्त याचिका एम आज़म खां ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस केजी बालाकृष्णन और जस्टिस दीपक वर्मा की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने दलील रखी कि पर्दे में रहने वाली मुस्लिम महिलाओं के लिए बुर्का हटाकर फोटो खिंचवाना उचित नहीं है।
वकील की दलील
वकील ने कहा उनका धर्म उन्हें इस बात की इजाजत नहीं देता। पोलिंग एजेंट द्वारा महिलाओं की तस्वीर देखे जाने पर उनकी पवित्रता भंग होगी। और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। वकील ने कहा कि पर्दे में रहने वाली मुस्लिम महिलाओं का नाम वोटिंग लिस्ट में शामिल करने के लिए उन्हें फोटो खिंचवाने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "यदि आपकी धार्मिक भावनाएं इतनी ही गहरी हैं, कि महिलाएं घर से बाहर निकल कर वोट तक नहीं डाल सकतीं, या फिर बुर्के में वोट डालने नहीं जा सकतीं, तो वो घर पर ही बैठें। वोटिंर आईडी कार्ड वोट डालने के लिए जरूरी है, इसलिए फोटो तो खिंचवाना ही पड़ेगा।












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