दो साल पहले दी गई थी छात्रों पर हमले की चेतावनी (लीड-1)
शनिवार को ही दो लोगों पर ब्रिसबेन में एक भारतीय पर हमला करने का आरोप लगाया गया है।
'यूनीवर्सिटीज आस्ट्रेलिया' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्लीन विदर्स ने समाचार पत्र 'द एज' से कहा है कि राज्य व संघीय सरकारों को दो साल पहले ही हमले की चेतावनी दिए जाने के बावजूद उन्होंने इन हमलों से निपटने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की और भारतीयों पर हुए हमलों को मीडिया में प्रमुखता मिलने के बाद ही सरकारों ने तत्परता दिखाई।
विदर्स ने इस बात का खुलासा तब किया है जब एक 20 वर्षीय व्यक्ति और एक किशोर पर ब्रिसबेन में गुरुवार रात एक भारतीय पर हमला करने और उसे लूटने का आरोप लगाया गया है।
हमले का शिकार 25 वर्षीय भारतीय व्यक्ति ब्रिसबेन के मैकग्रिगर में रात 10.40 बजे एक टेलीफोन बॉक्स का इस्तेमाल कर रहा था। तभी उस पर हमला किया गया था।
आस्ट्रेलियाई समाचार एजेंसी एएपी के हवाले से बताया गया है कि पुलिस ने घटना स्थल पर मौजूद दो लोगों पर हिंसा का मामला दर्ज किया है।
इस बीच आस्ट्रेलिया सरकार ने एक अन्य भारतीय नितिन गर्ग की हत्या के मामले में दोबारा जांच शुरू कर दी है। गर्ग की दो जनवरी को हत्या कर दी गई थी।
पिछले वर्ष के मई से ही आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमले हो रहे हैं और इन हमलों के प्रति भारत में चिंता है।
हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय टैक्सी चालकों को निशाना बनाया गया।
ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में 16 जनवरी को तीन भारतीय टैक्सी चालकों पर हमला हुआ था। एक 25 वर्षीय टैक्सी चालक पर मेलबर्न में हमला हुआ था जबकि बलार्ट में एक छात्र सहित दो लोगों पर हमला किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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