शर्म-अल-शेख बयान : सीआईसी के आदेश के अध्ययन बाद निर्णय लेगा विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारत व पाकिस्तान के बीच शर्म-अल-शेख में जारी हुए संयुक्त बयान को सार्वजनिक करने के लिए केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा दिए गए आदेश पर कार्रवाई करने का निर्णय लेने से पहले विदेश मंत्रालय आदेश का परीक्षण करेगा।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर की गई दो याचिकाओं पर सूचना आयुक्त अन्नपूर्णा दीक्षित ने चार जनवरी को दिए एक आदेश में विदेश मंत्रालय से कहा था कि वह शर्म-अल-शेख में 16 जुलाई को जारी हुए संयुक्त बयान से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करे। इसके पहले विदेश मंत्रालय इस संयुक्त बयान को तथा फाइल की टिप्पणियों को तैयार करने वाले अधिकारियों के नाम नहीं बता पाया था।
सीआईसी ने अपने आदेश में कहा है कि याचियों द्वारा फाइलों का निरीक्षण 25 जनवरी तक कर लिया जाना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार अधिकारियों द्वारा इस आदेश का परीक्षण कर लिए जाने के बाद ही मंत्रालय कोई अगला कदम उठाएगा। एक अधिकारी ने कहा है, "हम अभी तथ्यों का अध्ययन कर रहे हैं।"
ज्ञात हो कि एस.सी.अग्रवाल ने पिछले वर्ष जुलाई महीने में विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय में दो आरटीआई याचिकाएं दायर की थीं। उन याचिकाओं में संयुक्त बयान की प्रति, बयान तैयार करने वालों व फाइल की टिप्पणियां तैयार करने वालों के नाम की एक प्रति मांगी गई थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन आरटीआई आवेदनों को विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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