ए. क्यू. खान के मुक्त विचरण पर पाबंदी चाहती है पाक सरकार
लाहौर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान के मुक्त विचरण पर मंगलवार को अदालत से पाबंदी लगाने की मांग की है। खान पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम के सलाहकार रहे हैं, लेकिन बाद में उन पर परमाणु तकनीक की गुप्त जानकारियां दूसरे देशों तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
लाहौर उच्च न्यायालय में मंगलवार को सरकार की ओर से दायर एक याचिका में कहा गया है कि खान की मुक्त आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के साथ संवेदनशील सूचनाएं बांटी है।
याचिका में कहा गया है कि खान को हमेशा अधिकारियों की निगरानी में रखा जाना चाहिए और एक सुरक्षा दस्ते को उनके साथ तैनात किया जाना चाहिए।
अदालत ने खान को नोटिस जारी कर 25 जनवरी तक इस मामले में जवाब देने को कहा है।
गौरतलब है कि परमाणु वैज्ञानिक खान पर परमाणु तकनीकी के बारे में गुप्त जानकारी दूसरे देशों को स्थानांतरित करने का आरोप लगाया गया था।
वर्ष 2004 में खान ने एक राष्ट्रीय टेलीविजन पर परमाणु प्रसार को लेकर लगाए गए आरोप को स्वीकार भी कर लिया था। उसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया था। बाद में फरवरी महीने में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें नजरबंदी से मुक्त कर दिया था।
अदालत के फैसले के बाद खान ने कहा था, "ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं। हमें बीती घटनाओं को भूल जाना चाहिए और आगे की सुधि लेनी चाहिए। आखिर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी जेल जा चुके हैं।"
खान ने मई, 2008 में आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में दावा किया था कि उन्होंने अवैध तरीके से परमाणु तकनीक कभी भी नहीं बेची है। इसलिए वह इस आरोप को कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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