जामिया में प्रिंट साहित्य पर चर्चा
चर्चा का विषय था 19वीं सदी का 'उर्दू और हिंदी का प्रिंट साहित्य'। स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज युनीवर्सिटी ऑफ लंदन की हिंदी की प्रोफेसर फ्रेंचेस्का ऑरफेनी ने इस विषय पर व्याख्यान दिया।
ऑरफेनी ने 19वीं सदी में लोक साहित्य को प्रिंट साहित्य में बदलने में प्रिटिंग प्रेस के महत्व के संबंध में बताया। साथ ही उन्होंने उस समय के अखबार और पत्रिकाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर मुजीब रिजवी ने की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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