रुचिका की प्राचार्या के लिए चर्च में प्रार्थना
एक मजिस्ट्रेट जांच में रुचिका को स्कूल से निष्कासित करने के मामले में सेबेस्टीना को दोषी ठहराया गया है।
सितंबर 1990 में हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस.राठौर द्वारा रुचिका गिरहोत्रा के साथ दुर्व्यवहार करने के एक महीने बाद स्कूल की प्राचार्या एस.सेबेस्टीना ने रुचिका को स्कूल से निकाल दिया था।
चर्च के पादरी और स्कूल के प्रवक्ता थॉमस अंचनिकल ने आईएएनएस को बताया, "हम किसी की आलोचना नहीं करना चाहते बल्कि हम यहां उन लोगों के लिए प्रार्थना करने के लिए एकत्रित हुए हैं जो लगातार गलत कर रहे हैं। हमने किसी को आमंत्रित नहीं किया है लेकिन यहां विभिन्न समुदाय के लोग सेबेस्टीना को समर्थन देने के लिए इकट्ठा हुए हैं।"
चंडीगढ़ कैथोलिक एसोसिएशन (सीसीए) ने भी रविवार को सेबेस्टीना और स्कूल की सभी लड़कियों के समर्थन में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया।
सीसीए के समन्वययक ने आईएएनएस को बताया कि अभी तक 2,500 लोगों ने प्रार्थना सभा के दौरान हस्ताक्षर किए हैं। हम इस अभियान को और एक सप्ताह तक चलाएंगे।
गौरतलब है कि सेबेस्टीना को वर्ष 2005 में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जांच में दोषी करार दिए जाने के बाद उन्होंने इस सम्मान को लौटा दिया है। वह इस स्कूल में वर्ष 1990 में भी प्राचार्या थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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