भारत-फ्रांस परमाणु समझौता प्रभाव में आया
इससे भारत के अरबों डॉलर के परमाणु ऊर्जा बाजार में फ्रांस को अन्य देशों पर विशिष्ट बढ़त मिलेगी। भारत और अमेरिका परमाणु समझौते को लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण पुनप्र्रसंस्करण सौदे पर सहमति के लिए अभी खींचतान कर रहे हैं।
विदेश सचिव निरुपमा राव और फ्रांस के राजदूत जेरोम बोनाफांट ने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए पेरिस में 30 सितम्बर 2008 को हुए सहयोग समझौते की पुष्टि के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
समझौते के प्रावधानों के अनुसार पुष्टि के दस्तावेजों के आदान-प्रदान की तिथि से समझौता लागू होगा।
परमाणु आपूर्ति समूह द्वारा भारत पर 34 वर्षो से जारी प्रतिबंध को छह सितम्बर 2008 को समाप्त करने के कुछ ही दिन बाद देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी का समझौता करने वाला फ्रांस पहला देश था।
आरंभ में फ्रांस की परमाणु बिजली कंपनी अरेवा को महाराष्ट्र के जैतपुर में दो परमाणु बिजलीघरों के निर्माण का काम सौंपा गया। इसकी विद्युत उत्पादन क्षमता 1,600 मेगावॉट होगी।
भारत ने सात देशों-अमेरिका, फ्रांस, रूस, कजाकिस्तान, नामीबिया, अर्जेटीना और मंगोलिया के साथ परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके अलावा कनाडा के साथ परमाणु समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इस वर्ष के अंत तक समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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