हैती में शक्तिशाली भूकंप, सैकड़ों मारे गए

कैरिबियाई देश हेती में आए 7.3 क्षमता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है और इसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है. कहा गया है कि मरने वालों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है.
ख़बरों में कहा गया है कि राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस के मध्य को बुरी तरह नुक़सान पहुँचा है. जिन इमारतों को ज़्यादा क्षति पहुँची है उनमें अस्पताल, राष्ट्रपति का आवास और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के मुख्यालय की इमारत शामिल है.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भूकंप के बाद वहाँ अफ़रातफ़री का माहौल है. आसमान में धूल दिखाई दे रही है और चीख़ने-चिल्लाने की आवाज़ों के बीच लोग मलबों में दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
उत्तर अमरीकी महाद्वीप के कैरीबियाई क्षेत्र का एक छोटा सा देश है और वह दुनिया के ग़रीबतम देशों में से एक है. वह अभी भी एक साल पहले आए तूफ़ान से उबरने की कोशिश कर रहा है. इंटर-अमरीकन डेवलपमेंट बैंक ने हेती को तुरंत दो लाख डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है.
भारी नुक़सान की आशंका
भूकंप का केंद्र राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस से 15 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में था. पहले 7.3 क्षमता का भूकंप आया और इसके बाद 5.9 और 5.5 तीव्रता के दो झटके और लगे.
अमरीकी भूगर्भ विभाग के अनुसार जब भूकंप का पहला झटका आया तो स्थानीय समय के अनुसार शाम को चार बजकर 53 मिनट हुए थे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हेती से ख़बर दी है कि 'मलबों के नीचे अभी भी बहुत से लोग फँसे हुए हैं'.
संचार व्यवस्था ठप्प होने से पहले सहायता एजेंसी के लोगों ने अपने दूसरे साथियों से संपर्क साधने में सफलता पाई. कैथोलिक सहायता सेवा की कैरल ज़ेलेंका ने अमरीका में अपने साथियों से कहा है कि 'मरने वालों की संख्या हज़ारों में हो सकती है'.
पड़ोसी देश जमैका से बीबीसी संवाददाता निक डेविस ने ख़बर दी है कि हैती में ज़मीन एक मिनट से अधिक समय तक काँपती रही. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब भूकंप के झटके आने शुरु हुए तो वे होटल में अपने कमरे में थे और वे भागकर तेज़ी से बाहर निकले.
उन्होंने बताया, "मैंने तेज़ आवाज़े सुनीं फिर चीख़ने और चिल्लाने की आवाज़े गूंजने लगीं. आसमान में धूल ही धूल दिखाई दे रही थी." हेती की सीमा से लगे डोमनिकन रिपब्लिक से बीबीसी वेबसाइट के पाठकों ने कहा है कि उन्होंने भी भूंकप के झटके महसूस किए.
सहायता
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक वक्तव्य में कहा है कि उनकी 'प्रार्थनाएँ' हेती के साथ हैं और अमरीका हेती की हर संभव सहायता करने को तैयार है.
जबकि विदेश मंत्री हिलरी क्लिंटन ने कहा है, "भूकंप से हुए जानमाल के नुकसान के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है. अमरीका हेती और दूसरे देशों को पूरी मदद दे रहा है. और अमरीका सैन्य और असैन्य मदद करेगा और जो लोग इस संकट से जूझ रहे हैं, हमारी दुआएँ उनके साथ हैं."
जबकि संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने कहा है कि वे हेती में अपने कार्यालय से वहाँ के हालात का जायज़ा ले रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टेफ़नी बंकर ने एएफ़पी को बताया कि हेती से संपर्क करने में बाधाएँ आ रही हैं. हेती में अमरीकी राजदूत रेमंड जोसेफ़ ने कहा है कि भूकंप से वहाँ भारी तबाही हुई है.












Click it and Unblock the Notifications