गुजरात में चीनी मांझे पर प्रतिबंध का स्वागत

अजरा रहमान

अहमदाबाद, 13 जनवरी (आईएएनएस)। चीन निर्मित सस्ते उत्पादों का भारतीय बाजार में ऐसा क्रेज रहा है कि वह भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर पतंग की डोरी (मांझा) भी खपाने में सफल रहा है। अब गुजरात सरकार ने पतंग की चीनी डोर पर प्रतिबंध लगाकर स्थानीय पतंग कारोबारियों को नया उपहार दे दिया है।

स्थानीय कारोबारियों ने चीन से पतंग की डोरी मंगाने पर प्रतिबंध लगाने के सरकारी फैसले का स्वागत किया है। हाल तक यहां के मांझा बाजार में चीनी मांझे का दबदबा था। इस बाजार के करीब 50 फीसदी हिस्से पर इसी का कब्जा था।

अब गुजरात सरकार ने चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाकर स्थानीय पतंग एवं मांझा उद्योग को नया जीवन दे दिया है। पतंग बेचने वाले अलताफ रजा ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "चीनी मांझे पर प्रतिबंध के बाद मेरी आमदनी 20 फीसदी बढ़ गई है।"

पतंग कारोबारी प्रेमचंद गुप्ता ने इस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा, "कम ही लोगों को मालूम है कि बाजार में चीनी मांझा भी बड़े पैमाने पर खपता रहा है। अब जब इस पर प्रतिबंध लग गया है तो हमारी आमदनी तो बढ़ेगी ही।"

उन्होंने बताया कि अभी भी कुछ स्थानों पर चीनी नायलॉन एवं प्लास्टिक मांझा बिक रहा है। उनके मुताबिक चीनी मांझा भारतीय मांझे की तुलना में थोड़ा महंगा ही है, पर दूसरे मांझे को काटने की इसकी क्षमता इसे पतंगबाजों की पसंद बनाए हुए थी।

वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस आधार पर चीनी डोरी पर प्रतिबंध लगाया है कि इससे पक्षियों को खतरा है। चीनी मांझा प्लास्टिक का होता है। इसका धारदार होना पक्षियों के लिए खतरनाक है। प्रतिबंध ऐसे समय लगाया गया है जब गुजरात पतंगबाजी के लिए प्रसिद्ध उत्तरायण महोत्सव के जश्न के दौर से गुजर रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+