राजस्थान में पंचायत चुनाव निष्पक्ष कराने के निर्देश

पाण्डे बुधवार को यहां सचिवालय स्थित कान्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक बैठक में चुनाव पर्यवेक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक आयोग के आंख एवं कान हैं। वे क्षेत्र में चुनाव की गतिविधियों का विवरण आयोग को अवगत कराएंगे। सभी पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्र में 17 जनवरी से 23 जनवरी एवं 28 जनवरी से 5 फरवरी तक दो बार जाएंगे और आयोग को आठ रिपोर्टे प्रेषित करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार पंचायत चुनाव में सरपंच पद का चुनाव चुनौतीपूर्ण है। एक ओर जहां सरपंच ग्रामीण विकास की मुख्य धूरी बन गया है वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत में पर्याप्त बजट आवंटन एवं नरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन से इस पद का आकर्षण बढ़ गया है।

उन्होंने पर्यवेक्षकों से कहा कि वे आयोग द्वारा जारी नियमों व दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने के साथ आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन नहीं हो, इसके लिए कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि राज्य में कोटा, भरतपुर एवं सीकर में इलेक्ट्रोनिक वोंटिग मशीन के माध्यम से प्रायोगिक तौर पर चुनाव कराए जा रहे हैं। इस बार प्रत्येक मतदाता को एक मतदान केन्द्र पर दो बार में चार मतदान करने होंगे। मतदाता एक बार में जिला परिषद सदस्य एवं पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान करेगा तथा दूसरी बार में पंच एवं सरपंच के लिए वोट डालेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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