किशोरों को समझने में अभिभावकों को मदद की जरूरत
शोध अध्ययन में कहा गया है कि बच्चों और किशोरों को नियमित रूप से बाल रोग विशेषज्ञों के समक्ष ले जाना चाहिए। इसके साथ ही परिजनों को अवसाद और आत्महत्या जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
अमेरिका में 2006 में 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 1,771 बच्चों और किशोरों ने आत्महत्या की थी। इस प्रकार इस आयु समूह में होने वाली मौत की प्रमुख वजह आत्महत्या बन गई थी।
शिकागो और कानसास सिटी में किशोरों और उनके अभिभावकों ने आत्महत्या के ज्ञात कारकों की पहचान की थी। इनमें दिमागी बीमारी, मद्यपान या नशीली दवाएं, सामाजिक हानि और निराशा शामिल थे।
यद्यपि अध्ययकर्ताओं का कहना है कि यह चिंता का विषय है कि कुछ अभिभावकों ने नियमित रूप से मद्यपान या नशीली दवाओं के सेवन को किशोरों के व्यवहार की दिक्कतें मानने की बजाए इन चीजों को उनके जीवन में सामान्य बताया।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक अभिभावक और किशोर ऐसा नहीं मानते कि उनके समुदाय में आत्महत्या एक परेशानी है। सभी समूह आत्महत्या कर सकने वाले किशोरों को पहचानने के तरीके जानने के इच्छुक थे।
अध्ययकर्ताओं का कहना है कि बाल रोग विशेषज्ञों को नियमित रूप से सभी किशोरों की जांच करना चाहिए और उनके परिवारों को अवसाद और आत्महत्या जैसे मुद्दे पर खुली चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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