रेयांग शरणार्थियों को वापस बुलाएगा मिजोरम: माणिक सरकार

सरकार ने कहा, "मिजोरम के मुख्यमंत्री ने अपनी उत्तर त्रिपुरा की यात्रा के दौरान आठ जनवरी को शरणार्थियों के नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने नेताओं से यह भी कहा था कि वे प्रस्तावित भूमि और क्षेत्र के बारे में विचार करें जहां त्रिपुरा से लाने के बाद इन शरणार्थियों को रखा जा सके।"

इस सिलसिले में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहावला से जनजतीय शरणार्थियों के बारे में बातचीत की।

माणिक सरकार ने कहा, "मैंने मिजोरम के शरणार्थियों को बुलाने के बारे में गृह सचिव गोपाल कृष्ण पिल्लई से भी नई दिल्ली में बातचीत की। पिल्लई अगले महीने त्रिपुरा की यात्रा पर आएंगे।"

गौरतलब है कि उत्तरी त्रिपुरा में बने छह शरणार्थी शिविरों में 35,000 से अधिक जनजातीय लोग वर्ष 1997 से ही रह रहे हैं। बहुसंख्यक मिजो समुदाय के साथ हुई जातीय हिंसा के बाद ये लोग मिजोरम छोड़कर चले गए थे।

जनजातीय शरणार्थियों ने राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने और वित्तीय मदद की मांग स्वीकार किए जाने तक मिजोरम वापस लौटने के लिए अनिच्छा जाहिर की है।

शरणार्थियों की तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व कर रहे इलविस चोरखी ने आईएएनएस को बताया कि मिजोरम सरकार ने शरणार्थियों को पहले 50,000 रुपये देने का वादा किया था लेकिन मिजोरम सरकार के पैकेज में 20,000 रुपए की सहायता देने की बात कही गई है। इसमें तीन जिलों मामित, कोलाशिब और लुंगलेई के 35,000 जनजातीय शरणार्थियों के पुनर्वास का प्रावधान है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+