उड़ीसा में बीटी बैंगन का विरोध तेज

उड़ीसा के कृषि मंत्री दामोदर राउत ने कहा, "हम अपने किसानों को बीटी बैगन दिए जाने का विरोध करते हैं। हम इसका समर्थन नहीं करते, क्योंकि यह हमारे किसानों के हित में नहीं है।"
राउत ने से कहा, "राज्य में पहले से बैगन की 100 किस्में उपलब्ध हैं। बीटी बैगन के आ जाने के बाद राज्य में पहले से उपलब्ध बैगन की 100 किस्में अप्रचलित हो जाएंगी और वे किसी काम की नहीं रह जाएंगी।"
बीटी बैंगनों के प्रभावों का परीक्षण होगा
राउत ने कहा, "फिलहाल बीटी फसलों के बुरे प्रभाव के बारे में अभी हम सुनिश्चित नहीं हैं, क्योंकि अभी इनका परीक्षण किया जाना है। लेकिन इतना तय है कि यदि इस तरह के बीज एक बार खेती में आ गए तो इससे मात्र बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ होगा और हमारे किसान इसका खामियाजा भुगतेंगे, क्योंकि उनमें से अधिकांश गरीब हैं।"
ज्ञात हो कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से बीटी बैगन पर देश के सात शहरों में जन सुनवाई रखी गई है। इन शहरों में कोलकाता, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरू, नागपुर और चंडीगढ़ शामिल हैं। कोलकाता में बुधवार को वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, किसान संगठनों, उपभोक्ता समूहों और गैर सरकारी संगठनों के साथ बातचीत शुरू हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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