सूर्य ग्रहण के अध्ययन के लिए रॉकेट प्रक्षेपित करेगा इसरो
सूर्य ग्रहण के प्रभावों के अध्ययन के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा और केरल के थुंबा स्थित केंद्रों से रॉकेटों की एक श्रेणी प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है। ये रॉकेट अपने साथ कुछ यंत्र लेकर जाएंगे जो ऊपरी वायुमंडल में भौतिक परिवर्तनों का मापन करेंगे।
शुक्रवार को होने वाला यह सूर्य ग्रहण 11.8 मिनट की अवधि का होगा। रॉकेटों को सूर्य ग्रहण के पहले और बाद में प्रक्षेपित किया जाएगा।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के संयुक्त निदेशक एम.वाई.एस. प्रसाद ने श्रीहरिकोटा से आईएएनएस से कहा, "सूर्य गह्रण से जुड़े विभिन्न वायुमंडलीय और आयनमंडलीय मानकों के मापन के लिए एक 15 और 17 जनवरी को परवलयाकार उड़ान पथ में रोहिणी 560 (आरएच 560) रॉकेट प्रक्षेपित किए जाएंगे।"
श्रीहरिकोटा से शुक्रवार और रविवार को एक-एक प्रक्षेपण होंगे।
ज्यादातर रॉकेट इसरो के केरल स्थित थुंबा इक्वेटोरियल रॉकेट लांचिंग स्टेशन (टीईआरएलएस) से प्रक्षेपित किए जाएंगे।
इसरो के अधिकारियों के मुताबिक टीईआरएलएस से गुरुवार को चार और शुक्रवार को पांच रॉकेट प्रक्षेपित किए जाएंगे।
वर्ष 1980 में भी इसी तरह के प्रयोग किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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