'धूम्रपान छोड़कर राष्ट्रपति बने आबामा'

किताब के मुताबिक राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने से पहले बराक ओबामा ने अपनी पत्नी से तीन वादे किए। पहला-धूम्रपान छोड़ने का, दूसरा- रविवार का दिन घर पर बच्चों के साथ बिताने का और तीसरा-बच्चों की पैरेंट-टीचर मीटिंग में जाने का।
तमाम मिन्नतों के बाद विदेश मंत्री बनीं हिलेरी
ओबामा का कहना है कि यदि उन्होंने यदि यह तीनों बातें नहीं मानी होती तो शायद राष्ट्रपति नहीं बन पाते, क्योंकि मिशेल ये तीनों बातें मानने पर ही उन्हें चुनाव में समर्थन देने को तैयार हुईं। किताब के मुताबिक 2007 में भी ओबामा ने चुनाव में उतरने की दो बार सोची थी।
किताब के मुताबिक ओबामा की तमाम मिन्नतों के बाद भी जाकर हिलेरी क्लिंटन विदेश मंत्री का पद संभालने को तैयार हुईं। असल में क्लिंटन का हिलेरी मनोनयन के लिए शुरू हुआ अभियान उस समय फेल हो गया था जब उन पर नस्लवाद का आरोप लगा। क्लिंटन ने ओबामा के अभियान की तुलना साउथ कैरोलिना में नागरिक अधिकारों के लिए लड़ने वाले नेता जैसी जैक्सन के अभियान से की थी।












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