राठौड़ पर कसा शिकंजा, सीबीआई जांच की सिफारिश (लीड-3)
भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत राठौड़ के खिलाफ रुचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रुचिका के भाई आशु की पिछले हफ्ते दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर राठौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पंचकुला पुलिस स्टेशन में पिछले हफ्ते राठौड़ के खिलाफ हत्या का प्रयास, सबूतों के साथ छेड़छाड़ और आपराधिक साजिश से संबंधित दो नए मामले दर्ज करवाए गए थे।
उधर, हरियाणा पुलिस राठौड़ के खिलाफ दर्ज तीन नए मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।
पंचकुला के पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया, "हमने राठौड़ के खिलाफ तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। हमने सिफारिश की है कि सभी मामले जांच के लिए सीबीआई को स्थानांतरित किए जाएं।"
रुचिका के साथ दुर्व्यवहार मामले की एक मात्र गवाह आराधना ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि पुलिस ने राठौड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अपना वादा निभाया है।
आराधना के पिता आनंद प्रकाश ने कहा कि अब राठौड़ को सख्त से सख्त सजा से कोई नहीं बचा सकता है। उन्होंने कहा, "हम उसे जल्द से जल्द जेल में देखना चाहते हैं।"
गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को राठौड़ ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और उसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले दिनों रुचिका मामले में राठौड़ को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत मिल गई भी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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