राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल चिकित्सा सेवाएं शुरू होंगी
यह जानकारी जनजाति क्षेत्रीय विकास, अभाव अभियोग निराकरण तथा तकनीकी एवं अभियांत्रिकी शिक्षा मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने रविवार को बांसवाड़ा जिले की छोटी सरेड़ी ग्राम पंचायत में चाप नदी के मुहाने छोटी सरेड़ी तथा खेड़ा के बीच जनजाति क्षेत्रीय विकास मद में 3 करोड़ 80 लाख रुपए की धनराशि से बनने वाले पुल के शिलान्यास समारोह में दी।
समारोह की बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र के सांसद ताराचंद भगोरा, गढ़ी की विधायक कांता गरासिया, पूर्व जिला प्रमुख पवन कुमार रोकड़िया, पूर्व विधायक रमेशचन्द्र पण्ड्या, गढ़ी पंचायत समिति के प्रधान शंकरलाल, समाजसेवी मणिलाल पटेल, विनोद दादा पाठक, सरपंच नानालाल आदि ने भी संबोधित किया।
मालवीया ने बताया कि इसमें एम्बुलेंस 108 की तर्ज पर विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह अस्थायी मोबाइल चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे जिनमें डॉक्टरों तथा चिकित्साकर्मियों की सेवाएं सुलभ होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर ही चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी और गंभीर मामलों में रोगियों को त्वरित गति से मुख्यालय के अस्पताल में पहुंचाया जाएगा। इस योजना पर 200 करोड़ रुपए खर्च आएगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश की एक संस्था को आमंत्रित किया है और इस बारे में भारत सरकार को राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग के लिए प्रस्ताव भिजवा दिया गया है जिस पर जल्द ही मोहर लगने वाली है। मालवीया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के डॉक्टरों के पद रिक्त रहने, बार-बार पद रिक्त हो जाने और डाक्टरों की कमी से ग्रामीणों को चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में कमी की बड़ी समस्या से मुक्ति दिलाने में यह योजना कारगर सिद्घ होगी और गांव-गांव त्वरित चिकित्सा सेवा सहज ही उपलब्ध होने लगेगी।
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने बताया कि डूंगरपुर जिले में दो पुलों की मंजूरी के साथ ही भगोरा में एक करोड़ की लागत से तथा कुशलगढ़ में पौने दो करोड़ की लागत से एनिकट बनाया जाएगा। इससे कुशलगढ़ और परतापुर क्षेत्र में पेयजल की समस्या भी हल होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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