पर्यावरण संकट हल करने में धन महत्वपूर्ण : मून (लीड-1)

जयदीप गुप्ता

कोपेनहेगन, 16 दिसम्बर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि जलवायु परिवर्तन संकट हल करने में धन, खासकर गरीब देशों को वित्तीय मदद की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कोपेनहेगन में 7-18 दिसम्बर के जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के उच्च स्तरीय सत्र का शुभारंभ करते हुए मून ने अगले तीन वर्षो तक हर वर्ष गरीब देशों की मदद के लिए 10 अरब डॉलर का कोष जुटाने की धनी देशों की पहल का स्वागत किया।

इस उच्च स्तरीय सत्र में करीब 120 देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

मून ने इसे एक अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा कि सभी समस्याओं को हल करने के लिए गरीब देशों की दीर्घकालिक वित्तीय समस्याओं को सुलझाना आवश्यक है।

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कवेंशन (यूएनएफसीसीसी) को इतिहास का निर्णायक क्षण करार देते हुए बान ने कहा, "हम यहां एक नया भविष्य बनाने आए हैं। जलवायु परिवर्तन वैश्विक कार्यसूची में शीर्ष पर है। हमें पता है कि हमें क्या करना चाहिए और दुनिया को हमसे क्या उम्मीदें हैं। अब हमारा काम समान हित में एक समझौता करना है।"

लंबे समय से जलवायु परिवर्तन को इस समय की निर्णायक चुनौती कहते आ रहे संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा, "जिन वैश्विक चुनौतियों का सामना हम कर रहे हैं उनमें कोई भी इतनी अधिक मूलभूत नहीं है।"

एक संवाददाता सम्मेलन में मून ने कहा, "हमें वर्ष 2010 में एक नई कानूनी रूप से बाध्य संधि के लिए समय सीमा तय करनी चाहिए। इस समय सीमा को लटकना नहीं चाहिए।"

विकसित और विकासशील देशों के बीच जारी कलह पर मून ने कहा कि हर नेता को घरेलू दबावों का सामना करना होता है लेकिन यदि हमने कदम नहीं उठाया तो हर नागरिक का हित दांव पर होगा।

मून ने कहा कि सौदेबाजी का समय बीत चुका है और सहमति का वक्त आ गया है। कोई वह सब कुछ नहीं हासिल कर सकता जो वह चाहता है लेकिन सभी एक साथ काम करेंगे तो हर किसी को वह हासिल होगा जिसकी उसे आवश्यकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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