हेडली व राणा तक पहुंचना चाहेगा भारत (लीड-1)
सरकार ने हालांकि उन कयासों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है, जिनमें हेडली को एक गुप्त एजेंट कहा जा रहा है।
विदेश सचिव निरुपमा राव से जब यहां हेडली और राणा के गायब हुए वीजा कागजातों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने शिकागो स्थित अपने महावाणिज्य दूत से इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।" हेडली और राणा के वीजा कागजातों के गायब होने की खबर मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित हुई है।
शिकागो महावाणिज्य दूतावास ने हेडली और राणा को भारत यात्रा के लिए वीसा जारी किया था। दोनों ने वर्ष 2006 से 2008 के दौरान भारत के कई शहरों की यात्रा की थी और पाकिस्तान में लश्कर के आतंकियों को मुंबई हमले की साजिश रचने में मदद की थी।
मुंबई हमले में हेडली और राणा की भूमिका की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) वर्तमान में दोनों को जारी किए गए वीजा आवेदनों की जांच कर रही है।
निरुपमा राव ने कहा कि इस मामले की जांच में भारत को अमेरिका सरकार से बहुत सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि वे हमें हर स्तर पर सहयोग करेंगे।
हेडली के एक गुप्त एजेंट होने की संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राव ने कहा कि वह फिलहाल इस बात की न तो पुष्टि करने की स्थिति में हैं और न इसे खारिज करने की ही स्थिति में हैं, क्योंकि जांच फिलहाल जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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