आभूषण उद्योग में काम कर रहे 50 बाल बंधुआ मजदूर मुक्त
बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के उमेश गुप्ता ने बताया, "मुक्त कराए गए कुछ बाल बंधुआ मजदूर पिछले दो साल से इन फक्ट्रियों में काम कर रहे थे। इन सभी बच्चों को बिहार से बहला-फुसलाकर लाया गया था।"
गौरतलब है कि सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के हैं। मुक्त कराए गए बच्चों को बंधुआ मजदूर अधिनियम, 1976 के तहत मुक्ति का प्रमाणपत्र और उनकी आर्थिक पुनर्वास के लिए 20,000 रुपए दिए जाएंगे। बच्चों से काम कराने वाले मालिकों पर प्रति बच्चे के हिसाब से 20,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
मुक्त कराए गए सभी बच्चों को उनके परिजनों को सौंपने से पहले मुक्ति आश्रम में रखा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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