सरकार उल्फा से बातचीत को तैयार
अधिकारी ने कहा, "हम उल्फा से बातचीत को तैयार हैं, लेकिन हमने संप्रभुता के मसले पर किसी भी तरह की बातचीत से पहले ही इंकार कर दिया है।"
उल्फा के गिरफ्तार अध्यक्ष अरविंद राजखोवा और दो अन्य को शनिवार को हथकड़ी में गुवाहाटी की एक अदालत में पेश किया गया था।
राजखोवा ने कहा था कि हथकड़ी में कोई शांति वार्ता नहीं हो सकती। उसने कहा था कि उसने आत्मसमर्पण नहीं किया है और संप्रभुता के मुद्दे के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
परेश बरुआ ने स्थानीय समाचार पत्रों को ईमेल के जरिए भेजे अपने बयान में कहा है कि राजखोवा का बयान संगठन की नैतिक जीत है।
बरुआ ने कहा, "उल्फा पूरी तरह जिंदा है और हमारा संघर्ष कभी खत्म नहीं होगा। असम के लोग हमारे साथ हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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