तेलंगाना बंद से जनजीवन प्रभावित, राव के खिलाफ मामले वापस (लीड-1)
इस बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने राव के खिलाफ लगाए गए सांप्रदायिक हिंसा सहित आपराधिक मामले रविवार को वापस ले लिए।
तेलंगाना में शनिवार मध्य रात्रि से बंद आरंभ हुआ। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। बंद की वजह से आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने तेलंगाना से गुजरने वाली अपनी बस सेवाओं को रद्द कर दिया, जिससे हजारों यात्री विभिन्न जगहों पर फंसे हुए हैं।
हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे जिलों में दुकानें, कोराबारी संस्थान, सिनेमा हॉल और पेट्रोल पंप बंद रहे। वाहन वाले लोगों को पेट्रोल के लिए खासी मुश्किल उठानी पड़ी। विभिन्न जगहों पर एटीएम के पास भारी भीड़ जमा देखी गई और कई एटीएम में पैसे नहीं थे।
दूसरी ओर हैदराबाद में रविवार को मुस्लिम संगठनों ने आयोध्या में विवाधित ढांचे के गिराए जाने की बरसी पर बंद का आह्वान किया। पुलिस ने यहां एक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया।
उधर, हैदराबाद के निजाम आयुर्विज्ञान संस्थान (निम्स) में भर्ती राव का अनशन जारी है। शनिवार को अफवाह फैली कि राव कोमा में पहुंच गए हैं। इसके बाद निम्स के आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों ने जमकर तोड़फोड़ की थी।
निम्स की ओर से रविवार को कहा गया कि राव को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
तेलंगाना के क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले राज्य सरकार के मंत्रियों ने रविवार को राव से बात करने के लिए निम्स में फोन किया लेकिन उन्होंने बात करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि वह उन्हीं लोगों से बात करेंगे जो तेलंगाना मसले पर कोई फैसला लेंगे।
उल्लेखनीय है कि बीते रविवार को आमरण अनशन पर गए राव को गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
इस बीच राज्य सरकार ने राव के खिलाफ लगाए गए सांप्रदायिक हिंसा सहित आपराधिक मामले रविवार को वापस ले लिए।
मुख्यमंत्री के. रोसैया ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने 29 नवंबर को गिरफ्तार राव के खिलाफ सभी मामले वापस ले लिए। उन्होंने राव से अपील की कि वे अपना अनशन खत्म कर दें। राव पिछले आठ दिनों से अनशन पर हैं।
रोसैया ने कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार मुक्त क्षेत्र मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश करेगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारियों की मांग पर यह प्रस्ताव पेश करने का फैसला किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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