बाबरी विध्वंस की बरसी पर अयोध्या में रही शांति
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आज के दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाया तो बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी ने इसे काला दिवस के रूप में मनाया। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की सहभागिता न के बराबर रही।
अयोध्या आंदोलन से दशकों से जुड़े संत एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्व सांसद राम विलास वेदांती और महंत नृत्य गोपाल दास ने विहिप के बैनर तले कारसेवकपुरम में सैकड़ों साधुओं की मौजूदगी में शौर्य दिवस मनाया। इस दौरान साधुओं ने नारे लगाए कि राम लला हम आए हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे।
बजरंग दल के संस्थापक एवं भाजपा सांसद विनय कटियार ने खुद को इस कार्यक्रम से दूर रखते हुए अपने आवास पर आज के दिन को सच्चाई दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचे थे।
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के समर्थकों ने अयोध्या में हाजी महबूब के अहाते में एक बैठक की और हाथ में काली पट्टी बांधकर आज के दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। स्थानीय मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद रखी, तो कई ने अपनी अपनी दुकानों पर काले झ्झंडे भी लहराए।
फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर.के.एस.राठौर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अयोध्या सहित पूरे जिले (फैजाबाद) में छह दिसंबर को पूरी तरह शांति रही। शांति सद्भाव न बिगड़े इसके लिए पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
राठौर ने कहा कि विभिन्न संगठनों ने अपने निजी परिसरों में ही कार्यक्रमों का आयोजजन किया। किसी भी सार्वजनिक स्थल पर इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमित नहीं थी। राठौर ने कहा कि सुरक्षा के ये पुख्ता इंतजाम एक सप्ताह तक बरकरार रहेंगे।
हर साल छह दिसंबर को राजनीतिक दल और अन्य संगठन इस मौके पर जुलूस निकालते थे और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करते थे। लेकिन इस साल राज्य सरकार की तरफ से इस तरह की गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। एहितयाती तौर पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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