शहरी जनसंख्या बढ़कर 28 करोड़ पहुंची
उन्होंने बताया कि जनसंख्या सघनता के कारण नागरिक अवस्थापना पर अत्याधिक दबाव आ गया है तथा आवश्यक सेवाओं की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर उत्पन्न हो गया है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 54वें दौर के अनुसार 26 प्रतिशत घरों में कोई शौचालय नहीं था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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