अमरीका में चार मस्जिदों के ख़िलाफ़ कार्रवाई

अमरीका में सरकारी अधिकारियों ने चार मस्जिदों और न्यूयॉर्क की एक 36 मंज़िला इमारत को कब्ज़े में लेने के लिए क़ानूनी कार्रवाई शुरु की है.
इन मस्जिदों और इमारत का प्रबंधन करोड़ों डॉलर की संपत्ति वाली ग़ैर-सरकारी संस्था अलावी फ़ाउंडेशन के नियंत्रण में है.
सरकारी वकीलों का आरोप है कि अलावी फ़ाउंडेशन ग़ैर-क़ानूनी ढंग से मिली बैंक में पैसा लगाने में मदद कर कर रही है जो ईरान का सरकारी बैंक है. अलावी फ़ाउंडेशन पर ईरान सरकार को सेवाएँ प्रदान करने का आरोप भी है.
इस बैंक पर ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए पैसा देने का आरोप है. अमरीकी नागरिकों पर इस बैंक से कोई लेन-देन रखने पर प्रतिबंध है.
पचास करोड़ की संपत्ति क़ानूनी कार्रवाई के दौरान न्यूयॉर्क, मेरीलैंड, कैलिफ़ोर्निया और ह्यूस्टन स्थित शिया मुसलमानों की मस्जिदें और न्यूयॉर्क स्थित अनेक दफ़्तरों वाली 36 मंज़िला इमारत खुली रहेंगी. सरकारी वकील 50 करोड़ डॉलर की संपत्ति वाली अलावी फ़ाउंडेशन पर कब्ज़ा करने के प्रयास कर रहे हैं.
बीबीसी के वॉशिगटन संवाददाता एडम ब्रुक्स का कहना है कि अदालत ही तय कर सकती है कि सरकार किसी संपत्ति या जगह पर नियंत्रण कर सकती है या नहीं और इस पूरी प्रक्रिया में काफ़ी समय लग सकता है.
ग़ौरतलब है कि ये क़दम उस समय उठाया गया है जब अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के ख़िलाफ़ लंबे से चले आ रहे आर्थिक प्रतिबंधों को जारी रखने का फ़ैसला किया है.
हालाँकि राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होने के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने कूटनीतिक स्तर पर ईरान की ओर हाथ बढ़ाया था लेकिन ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है.












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